
Ranchi Student Protest : 60 दिनों में फैसला नहीं हुआ तो फिर आंदोलन! छात्रों का सरकार को सीधा संदेश
रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन फिलहाल दो महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है। रांची के जेपीएससी स्टेडियम में 25 जुलाई से जारी प्रदर्शन के बाद छात्रों ने सरकार को अब 60 दिनों का समय दिया है। छात्रों का कहना है कि अगर इस अवधि के भीतर परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की CBI जांच शुरू नहीं हुई, तो वे एक बार फिर बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
मामला उस समय और गंभीर हो गया जब झारखंड सरकार ने CID की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कई परीक्षाओं को लेकर बड़ी कार्रवाई करने का फैसला लिया। सरकार के आदेश के अनुसार कुल 22 परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा 6 परीक्षाओं की प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया गया है।
सरकार ने कुछ अन्य परीक्षाओं को भी जांच के दायरे में रखा है। जानकारी के मुताबिक 17 परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच की जाएगी। सरकार की इस कार्रवाई के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों ने फिलहाल अपना प्रदर्शन रोकने का फैसला किया है।
हालांकि छात्रों का कहना है कि केवल परीक्षाओं को रद्द करना या जांच कराना उनकी अंतिम मांग नहीं है। उनकी सबसे बड़ी मांग कथित परीक्षा गड़बड़ी की CBI से स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में अगर किसी भी स्तर पर अनियमितता हुई है, तो उसकी पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
अब सरकार के सामने 60 दिनों की समयसीमा है। छात्रों ने साफ कर दिया है कि इस दौरान अगर उनकी मुख्य मांग पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा।
फिलहाल आंदोलन स्थगित होने से सरकार को बातचीत और आगे की कार्रवाई के लिए समय मिल गया है। लेकिन छात्रों के अल्टीमेटम ने यह साफ कर दिया है कि 60 दिन बाद झारखंड में परीक्षा विवाद एक बार फिर बड़ा मुद्दा बन सकता है।
अब सवाल यही है—क्या 60 दिनों के अंदर सरकार CBI जांच की मांग पर फैसला लेगी, या छात्रों को फिर सड़कों पर उतरना पड़ेगा?
