Bhiwadi Firing Case: गौ-तस्करी के शक में ट्रक ड्राइवर की हत्या, परिवार ने बजरंग दल पर लगाए गंभीर आरोप

गौ-तस्करी के शक में हत्या

Bhiwadi Firing Case: राजस्थान के भिवाड़ी में ट्रक ड्राइवर आमिर की गोली लगने से मौत के मामले में नया मोड़। परिवार ने बजरंग दल पर हत्या का आरोप लगाया, पुलिस जांच जारी।

Prajatantra TV Desk: राजस्थान के भिवाड़ी में हुई एक हिंसक घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और भीड़ हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हरियाणा के पलवल जिले के 28 वर्षीय ट्रक ड्राइवर आमिर की 2 मार्च को गोली लगने से मौत हो गई। इस मामले में मृतक के परिवार ने बजरंग दल से जुड़े लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

घटना कैसे हुई?

पुलिस के अनुसार, 2 मार्च की सुबह करीब 5 बजे सूचना मिली कि मवेशियों से भरी एक पिकअप गाड़ी तपूकड़ा से तावडू की ओर जा रही है और कुछ लोग उसका पीछा कर रहे हैं। यह घटना भिवाड़ी के चौपानकी थाना क्षेत्र के सारेकला गांव के पास हुई, जहां कथित तौर पर दो पक्षों के बीच आमना-सामना हो गया।

बताया जा रहा है कि एक तरफ वे लोग थे जो पिकअप का पीछा कर रहे थे, जबकि दूसरी ओर कुछ लोग उन कथित गौ-तस्करों को संरक्षण देने पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों में झड़प और पत्थरबाजी हुई, जो बाद में हिंसक रूप ले गई।

गोली लगने से हुई मौत

शुरुआत में पुलिस ने आमिर की मौत पत्थरबाजी में चोट लगने से होने की बात कही थी। हालांकि बाद में जांच में सामने आया कि आमिर को गोली लगी थी, जिससे उसकी मौत हुई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

परिवार का आरोप

मृतक के परिवार का कहना है कि आमिर का गौ-तस्करी से कोई संबंध नहीं था। उनके अनुसार, वह पिछले 10 वर्षों से ट्रक ड्राइवर था और सब्जी-फल ढोने का काम करता था।

परिवार का आरोप है कि आमिर उस समय सड़क किनारे खड़ा था और एक वाहन का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने उसे गौ-तस्कर समझकर हमला कर दिया और गोली मार दी। मृतक के मामा ने दावा किया कि 5 से 6 राउंड फायरिंग की गई, जिसमें एक गोली आमिर के चेहरे के पास लगी।

पुलिस का पक्ष

भिवाड़ी के डीएसपी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि आमिर उन लोगों के साथ था जो कथित तौर पर गौ-तस्करों की मदद करने पहुंचे थे। उन्होंने यह भी कहा कि घटनास्थल पर मौजूद वाहनों में पत्थर रखे थे, जिनका इस्तेमाल झड़प के दौरान किया गया।

हालांकि पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है और सभी पहलुओं की जांच जारी है।

दर्ज हुई FIR

इस मामले में चौपानकी थाने में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। एक शिकायत खलील अहमद की ओर से दर्ज कराई गई है, जिसमें हमला और जान से मारने की मंशा का आरोप लगाया गया है।

वहीं दूसरी ओर मृतक के परिजनों ने कुछ नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बढ़ते सवाल

यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि भीड़ द्वारा हिंसा की प्रवृत्ति पर भी सवाल खड़े करती है। क्या यह कानून-व्यवस्था की विफलता है या समाज में बढ़ती असहिष्णुता का संकेत? इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

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