West Bengal Politics: ओवैसी-कबीर गठबंधन पर कांग्रेस का हमला, बोली- ‘इससे BJP को होगा फायदा’

ओवैसी-कबीर गठबंधन पर कांग्रेस का बड़ा हमला

West Bengal Politics: ओवैसी और हुमायूं कबीर के गठबंधन पर कांग्रेस ने उठाए सवाल। कहा- यह कदम बीजेपी को फायदा पहुंचा सकता है…जानें पूरा मामला

Prajatantra TV Desk: पश्चिम बंगाल की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बार चर्चा का केंद्र बना है असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM और हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी के बीच हुआ गठबंधन। इस गठजोड़ को लेकर अब कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाते हुए इसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए फायदेमंद बताया है।

इलाहाबाद से कांग्रेस सांसद उज्जवल रमण सिंह ने इस गठबंधन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी दल को चुनाव लड़ने की स्वतंत्रता है, लेकिन अगर कोई कदम अप्रत्यक्ष रूप से बीजेपी को फायदा पहुंचाता है, तो जनता इसे समझ रही है।

‘सांप्रदायिक ताकतों को हराना जरूरी’

कांग्रेस सांसद ने कहा कि देश में इस समय सबसे बड़ी जरूरत सांप्रदायिक और विभाजनकारी ताकतों को हराने की है। उन्होंने कहा, “हमारी लड़ाई उन ताकतों के खिलाफ है जो समाज को बांटती हैं। ऐसे में अगर कोई गठबंधन बीजेपी को फायदा पहुंचाता है, तो यह चिंता का विषय है।”

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि विपक्ष को एकजुट होकर चुनाव लड़ना चाहिए, ताकि राजनीतिक मुकाबला मजबूत हो सके।

ओवैसी-कबीर गठबंधन पर उठे सवाल

हुमायूं कबीर, जो पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े थे, अब अपनी पार्टी बनाकर AIMIM के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। दोनों दलों का यह गठबंधन खासतौर पर मुस्लिम वोट बैंक को प्रभावित कर सकता है, जिसे लेकर अन्य विपक्षी दल सतर्क हो गए हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के गठबंधन से वोटों का बंटवारा हो सकता है, जिसका सीधा फायदा बीजेपी को मिल सकता है।

बीजेपी का भी आया बयान

इस मुद्दे पर बीजेपी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार के खिलाफ जनता का रुझान बदल रहा है और ऐसे गठबंधन चुनावी परिणामों को ज्यादा प्रभावित नहीं कर पाएंगे।

उन्होंने यह भी दावा किया कि ओवैसी और कबीर का गठबंधन अप्रत्यक्ष रूप से विपक्षी खेमे का ही हिस्सा है, लेकिन जनता अब इन रणनीतियों को समझ चुकी है।

25 मार्च को होगी अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस

बताया जा रहा है कि इस गठबंधन को लेकर 25 मार्च को कोलकाता में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिसमें दोनों दल अपनी रणनीति और चुनावी एजेंडा स्पष्ट करेंगे।

चुनाव से पहले बढ़ी सियासी सरगर्मी

पश्चिम बंगाल में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे नए गठबंधन और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होता जा रहा है। ओवैसी और हुमायूं कबीर का गठबंधन भी इसी सियासी समीकरण का हिस्सा माना जा रहा है, जिसने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।

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