Sonbhadra News: यूपी पुलिस ने कोडीन कफ सिरप तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया।
कोलकाता से आरोपी जुबैर शेख गिरफ्तार, कई राज्यों में फैला था सिंडिकेट।
Prajatantra TV Desk: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय कोडीन कफ सिरप तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में पुलिस ने गिरोह के सक्रिय सदस्य जुबैर शेख को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर सोनभद्र लाया गया है, जहां उससे पूछताछ जारी है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला पिछले साल की एक कार्रवाई से जुड़ा हुआ है, जब चुर्क मोड़ पर एक ट्रक को पकड़ा गया था। इस ट्रक में चावल की बोरियों के बीच भारी मात्रा में कोडीन युक्त कफ सिरप छिपाकर ले जाया जा रहा था। जांच में सामने आया कि यह एक संगठित सिंडिकेट है, जिसे ‘शुभम जायसवाल नेटवर्क’ के नाम से जाना जाता है।
तस्करी का शातिर तरीका
जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से तस्करी करता था। ट्रकों में चावल या अन्य सामान की आड़ में कफ सिरप की बोतलें छिपाई जाती थीं ताकि किसी को शक न हो। इतना ही नहीं, बांग्लादेश बॉर्डर के पास पहुंचते ही ट्रक और ड्राइवर बदल दिए जाते थे, जिससे पुलिस को भ्रमित किया जा सके।
इस नेटवर्क की खास बात यह थी कि यह स्थानीय ड्राइवरों का इस्तेमाल नहीं करता था, ताकि सूचना लीक होने का खतरा कम रहे। गिरोह ने यूपी, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में अपनी मजबूत सप्लाई चेन बना रखी थी।
कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े हैं। गाजियाबाद के एक गोदाम से करीब डेढ़ लाख कफ सिरप की शीशियां बरामद की गई थीं। वहीं, इस नेटवर्क के कुछ सदस्य बिहार के पूर्णिया जेल में पहले से बंद हैं।
जुबैर शेख, जो महाराष्ट्र के औरंगाबाद का रहने वाला है, इस पूरे नेटवर्क का अहम कड़ी माना जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस को इस गिरोह के ऑपरेशन और फाइनेंसिंग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
आगे की जांच जारी
सोनभद्र पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं, जिनमें कुछ सफेदपोश लोग भी शामिल हो सकते हैं।
यह कार्रवाई न केवल यूपी बल्कि देशभर में ड्रग्स और अवैध दवाओं की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस अब इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है।

